ये स्तंभ सिर्फ पत्थर नहीं हैं।
इन पर सम्राट अशोक महान के विचार, आदेश और धम्म का संदेश लिखा है —वह संदेश जो आम जनमानस के लिए ब्रह्मी लिपि (धम्मलिपि) में लिखा गया था।
आज हम उन्हें देखते तो हैं, लेकिन पढ़ नहीं पाते।
धम्मलिपि सीखकर,आप उन शब्दों को समझ सकते हैं
जो 2300 साल पहले पूरे समाज को सही राह दिखाने के लिए लिखे गए थे।